गांधीवादी सिद्धान्तों की वर्तमान परिदृश्य में विश्व-शांति हेतु भूमिका

Authors

  • डॉ कृष्णा सिंह

Keywords:

गांधीवादी सिद्धांत, अहिंसा और सत्याग्रह, वैश्विक शांति, सामाजिक न्याय और समानता, राजनीतिक संघर्ष समाधान

Abstract

विश्व-शांति आज के वैश्विक परिदृश्य में एक जटिल और अत्यंत आवश्यक चुनौती बन चुकी है। आर्थिक असमानताएँ, राजनीतिक संघर्ष, सांस्कृतिक मतभेद और हथियारों की दौड़ के कारण स्थायी शांति स्थापित करना कठिन होता जा रहा है। इस अध्ययन का उद्देश्य गांधीवादी सिद्धांतों, विशेषकर अहिंसा, सत्य और नैतिक राजनीति, की वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में प्रासंगिकता और उनके शांति-संरक्षण पर प्रभाव का विश्लेषण करना है। अनुसंधान में गुणात्मक दृष्टिकोण अपनाया गया, जिसमें साहित्य समीक्षा, अंतर्राष्ट्रीय केस स्टडीज, अर्ध-संरचित साक्षात्कार और दस्तावेज़ विश्लेषण शामिल थे। डेटा विश्लेषण के लिए थीमेटिक एनालिसिस, तुलनात्मक अध्ययन, सामग्री विश्लेषण और वर्णनात्मक आँकड़ों का उपयोग किया गया। अध्ययन के परिणामों से स्पष्ट हुआ कि अहिंसा का अनुपालन अधिक होने पर सामाजिक संघर्ष कम होता है, जैसे भारत में 85% और जापान में 70% अहिंसा अनुपालन के कारण सामाजिक संघर्ष स्तर क्रमशः 1 और 2 था। सत्याग्रह के अनुपालन से राजनीतिक विवाद तेज़ और स्थायी रूप से सुलझे; भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में 95% अनुपालन के कारण विवाद 2 महीनों में समाधान हुआ। गांधीवादी दृष्टिकोण वाले क्षेत्रों में वैश्विक शांति सूचकांक उच्च था, जैसे स्कैंडिनेवियाई देश में 85% अनुपालन और 90 का शांति सूचकांक। सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता में वृद्धि से शांति स्तर में सुधार देखा गया। यह अध्ययन साबित करता है कि गांधीवादी सिद्धांत सामाजिक, राजनीतिक और वैश्विक स्तर पर स्थायी शांति स्थापित करने में प्रभावी हैं।

References

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How to Cite

डॉ कृष्णा सिंह. (2025). गांधीवादी सिद्धान्तों की वर्तमान परिदृश्य में विश्व-शांति हेतु भूमिका. International Journal of Engineering Science & Humanities, 15(1), 160–173. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/494

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