गांधीवादी विचारों की वर्तमान प्रासंगिकता एवं आधारित योजनाऐं
Keywords:
गांधीवादी विचारधारा, वर्तमान प्रासंगिकता, स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता, सरकारी योजनाएँ, सतत एवं समावेशी विकासAbstract
प्रस्तुत शोध “गांधीवादी विचारों की वर्तमान प्रासंगिकता एवं आधारित योजनाएँ” विषय पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि महात्मा गांधी के विचार आज के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में किस सीमा तक प्रासंगिक हैं तथा आधुनिक भारत की नीतियों और योजनाओं को किस प्रकार प्रभावित कर रहे हैं। शोध में गांधीवादी विचारधारा के प्रमुख सिद्धांतों-सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, ग्राम स्वराज, सादगी एवं अंत्योदय-का समकालीन संदर्भ में अध्ययन किया गया है। अनुसंधान में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक अभिकल्प अपनाया गया है तथा प्राथमिक और द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक आंकड़े प्रश्नावली एवं साक्षात्कार के माध्यम से एकत्र किए गए, जबकि द्वितीयक आंकड़े पुस्तकों, शोध पत्रों एवं सरकारी दस्तावेजों से प्राप्त किए गए। आंकड़ों के विश्लेषण हेतु प्रतिशत विधि, तुलनात्मक एवं विषयवस्तु विश्लेषण का प्रयोग किया गया। शोध निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि गांधीवादी विचार आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं और स्वच्छ भारत अभियान, खादी एवं ग्रामोद्योग, पंचायती राज तथा अंत्योदय जैसी योजनाएँ गांधीवादी दर्शन से प्रेरित हैं। अध्ययन में वैकल्पिक परिकल्पना (H₁) को स्वीकार किया गया, जिससे यह सिद्ध होता है कि गांधीवाद आधुनिक भारत के सतत एवं समावेशी विकास के लिए एक प्रभावी वैचारिक आधार प्रदान करता है।References
ब्राउन, जे. (2021). गांधीवादी दर्शन और समकालीन राजनीति में अहिंसा की नैतिकता. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस।
बिलग्रामी, ए. (2023). गांधी का नैतिक दृष्टिकोण: मानवता, गरिमा और जिम्मेदारी. कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रेस।
चंद्रा, एस. (2021). आधुनिक समाजों में अहिंसा और लोकतांत्रिक असहमति. जर्नल ऑफ पॉलिटिकल एथिक्स, 14(2), 115–130।
चंद्रा, एस. (2022). गांधीवादी अहिंसा और राजनीतिक असहिष्णुता: एक समकालीन विश्लेषण. इंडियन जर्नल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च, 9(1), 45–58।
दत्त, आर., एवं महाजन, वी. (2022). खादी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और भारत में समावेशी ग्रामीण विकास. इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली, 57(36), 62–70।
Downloads
How to Cite
Issue
Section
License
Copyright (c) 2025 International Journal of Engineering Science and Humanities

This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License.


