सुशासन (Good Governance) में गांधीवादी नैतिकता की प्रासंगिकता
Keywords:
गांधीवादी नैतिकता, सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही, नागरिक सहभागिताAbstract
यह शोध सुशासन (Good Governance) में गांधीवादी नैतिकता की प्रासंगिकता का अध्ययन करता है। शोध का मुख्य उद्देश्य गांधीवादी सिद्धांतों-सत्य, अहिंसा, सेवा भाव और नैतिक नेतृत्व-के आधुनिक प्रशासनिक तंत्र में महत्व और प्रभाव का मूल्यांकन करना है। विशेष रूप से यह जांचा गया कि गांधीवादी दृष्टिकोण भ्रष्टाचार, केंद्रीकृत सत्ता और प्रशासनिक अक्षमता जैसी समस्याओं को कम करने में किस हद तक प्रभावी है और सुशासन के तत्वों-पारदर्शिता, जवाबदेही, न्यायसंगत नीति और नागरिक सहभागिता-में इनके अनुप्रयोग की संभावनाएँ क्या हैं।शोध गुणात्मक (Qualitative) और तुलनात्मक (Comparative) दृष्टिकोण पर आधारित है। डेटा संग्रह में गांधी के ग्रंथ, भाषण, लेख, प्रशासनिक रिपोर्ट, सरकारी नीति दस्तावेज़ और तुलनात्मक वैश्विक मॉडल शामिल हैं। डेटा का विश्लेषण Content Analysis, Comparative Analysis और Theoretical Framework के माध्यम से किया गया।परिणाम दर्शाते हैं कि गांधीवादी मूल्यों का आधुनिक सुशासन पर उच्च प्रभाव है। सत्य, सेवा भाव और नैतिक नेतृत्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण पाए गए हैं। भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता में कमी, नागरिक सहभागिता में वृद्धि और नीति निर्माण में पारदर्शिता जैसे लाभ दिखाई देते हैं। शोध से यह निष्कर्ष निकलता है कि गांधीवादी सिद्धांतों का समेकन सुशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और न्यायसंगत बनाने में व्यवहारिक और प्रभावी दृष्टिकोण प्रदान करता है।
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