ग्रामीण जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य बिहार में सामाजिक समर्थन एवं सामुदायिक सम्बन्धों की संरक्षक भूमिका का अध्ययन

Authors

  • रोहित कुमार, डॉ. ललित वर्मा

Keywords:

ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक समर्थन, सामुदायिक सम्बन्ध, बिहार, अवसाद, मनोवैज्ञानिक प्रत्यास्थता, ग्रामीण तनावकारी कारक, संरक्षक कारक

Abstract

ग्रामीण भारत में मानसिक स्वास्थ्य एक जटिल और बहुआयामी विषय है, जहाँ गरीबी, प्राकृतिक आपदाएँ और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी जैसे तनावकारी कारक विद्यमान हैं, परन्तु साथ ही सामाजिक समर्थन और सामुदायिक सम्बन्ध जैसे शक्तिशाली संरक्षक कारक भी उपलब्ध हैं। यह शोधपत्र ग्रामीण बिहार में सामाजिक समर्थन के विभिन्न प्रकारों—पारिवारिक, विस्तृत परिवार, पड़ोसी, जाति-बिरादरी, धार्मिक और संस्थागत—की मानसिक स्वास्थ्य पर संरक्षक भूमिका का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। ग्रामीण बिहार के आठ जिलों से 820 प्रतिभागियों (18-65 वर्ष) का सर्वेक्षण किया गया। परिणामों में पाया गया कि पारिवारिक समर्थन (r=-0.42 अवसाद से, r=0.48 कल्याण से) और पड़ोसी समर्थन (r=-0.38, r=0.40) मानसिक स्वास्थ्य के सबसे सशक्त संरक्षक हैं। सामुदायिक सहभागिता का स्तर अवसाद और तनाव से उल्टा तथा कल्याण से सीधा सम्बन्ध रखता है। सामाजिक समर्थन ने गरीबी-अवसाद (β=0.42 से 0.18), बाढ़-चिन्ता (β=0.38 से 0.15) और प्रवासन-तनाव (β=0.35 से 0.12) सम्बन्धों में सार्थक “बफर” प्रभाव दिखाया। ग्रामीण महिलाओं (26-35 वर्ष) में अवसाद स्कोर सर्वाधिक (M=7.2) पाया गया। शोध यह प्रतिपादित करता है कि ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को विद्यमान सामुदायिक संरचनाओं का उपयोग करना चाहिए, साथ ही ग्रामीण-विशिष्ट तनावकारी कारकों को सम्बोधित करना चाहिए।

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How to Cite

रोहित कुमार, डॉ. ललित वर्मा. (2020). ग्रामीण जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य बिहार में सामाजिक समर्थन एवं सामुदायिक सम्बन्धों की संरक्षक भूमिका का अध्ययन. International Journal of Engineering Science & Humanities, 10(1), 53–64. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/704

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