आधुनिक जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य: शहरी एवं ग्रामीण बिहार में एक सामाजिक-मनोवैज्ञानिक विश्लेषण

Authors

  • रोहित कुमार, डॉ. ललित वर्मा

Keywords:

आधुनिक जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य, शहरी-ग्रामीण तुलना, अवसाद, चिन्ता, सामाजिक समर्थन, स्क्रीन समय, बिहार

Abstract

आधुनिक जीवनशैली—जिसमें अत्यधिक स्क्रीन समय, बैठैला व्यवहार, सामाजिक मीडिया का अतिशय उपयोग, नींद में व्यवधान और कार्य-जीवन असन्तुलन सम्मिलित हैं—ने मानसिक स्वास्थ्य पर गम्भीर प्रश्न उत्पन्न किए हैं। यह शोधपत्र बिहार के शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य के सम्बन्ध का तुलनात्मक सामाजिक-मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। बिहार के छह जिलों से 900 प्रतिभागियों (18-65 वर्ष) का सर्वेक्षण मानकीकृत प्रश्नावलियों (PHQ-9, GAD-7, PSS, SWLS) द्वारा किया गया। परिणामों में पाया गया कि शहरी प्रतिभागियों में अवसाद (M=8.4 बनाम 5.8, p<0.001), चिन्ता (M=7.8 बनाम 5.2, p<0.001) और प्रत्यक्षित तनाव (M=22.5 बनाम 17.8, p<0.001) सार्थक रूप से अधिक है, जबकि ग्रामीण प्रतिभागियों में जीवन-सन्तुष्टि और व्यक्तिपरक कल्याण अधिक है [3], [4]। प्रतिगमन विश्लेषण में स्क्रीन समय (β=0.32), सामाजिक मीडिया उपयोग (β=0.28) और आवागमन तनाव (β=0.30) शहरी मानसिक स्वास्थ्य के प्रमुख नकारात्मक भविष्यवक्ता हैं, जबकि शारीरिक गतिविधि (β=-0.35), सामुदायिक सम्बन्ध (β=-0.38) और नींद अवधि (β=-0.30) ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य के प्रमुख संरक्षक कारक हैं। सामाजिक समर्थन ने शहरी-ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य अन्तर में आंशिक मध्यस्थता की भूमिका निभाई। शोध यह प्रतिपादित करता है कि मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को शहरी-ग्रामीण संदर्भ के अनुसार अनुकूलित करना आवश्यक है।

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रोहित कुमार, डॉ. ललित वर्मा. (2019). आधुनिक जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य: शहरी एवं ग्रामीण बिहार में एक सामाजिक-मनोवैज्ञानिक विश्लेषण. International Journal of Engineering Science & Humanities, 9(2), 129–140. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/698

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