शिक्षा में पर्यावरणीय मूल्यों के विकास हेतु शैक्षिक तकनीक के उपयोग की प्रभावशीलता
Keywords:
पर्यावरणीय मूल्य, शैक्षिक तकनीक, पर्यावरण शिक्षा, सतत विकास, मूल्य-निर्माणAbstract
यह शोध पत्र “शिक्षा में पर्यावरणीय मूल्यों के विकास हेतु शैक्षिक तकनीक के उपयोग की प्रभावशीलता” विषय पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि तकनीक-सम्मिलित शिक्षण विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता, दृष्टिकोण एवं व्यवहार में किस प्रकार सकारात्मक परिवर्तन लाता है। यह अध्ययन पूर्णतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है, जिसमें विभिन्न शोध-पत्रों, पुस्तकों, नीतिगत दस्तावेजों तथा अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि शैक्षिक तकनीक पर्यावरणीय विषयों को अधिक रोचक, सुलभ एवं अनुभवात्मक बनाकर विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक समझ, भावात्मक संवेदनशीलता तथा पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मल्टीमीडिया संसाधन, वर्चुअल सिमुलेशन, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं ऑनलाइन परियोजनाएँ विद्यार्थियों को सक्रिय अधिगम के अवसर प्रदान करती हैं, जिससे पर्यावरणीय मूल्यों का आंतरिकीकरण सुदृढ़ होता है। अतः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि शैक्षिक तकनीक पर्यावरण शिक्षा को अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण एवं मूल्य-समृद्ध बनाकर सतत विकास के प्रति उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण में सहायक सिद्ध होती है।
References
यूनेस्को (UNESCO). (2017). सतत विकास हेतु शिक्षा: वैश्विक कार्ययोजना. पेरिस: यूनेस्को प्रकाशन।
पाल्मर, जे. ए. (1998). पर्यावरण शिक्षा: 21वीं सदी के लिए सिद्धांत और व्यवहार. लंदन: रूटलेज।
हंगरफोर्ड, एच. आर., एवं वोल्क, टी. एल. (1990). पर्यावरणीय नागरिकता व्यवहार पर प्रभावकारी चर. जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल एजुकेशन, 21(3), 8–21।
टिलबरी, डी. (1995). पर्यावरण शिक्षा और सतत विकास के लिए शिक्षा. एनवायरनमेंटल एजुकेशन रिसर्च, 1(2), 195–212।
मिश्रा, पी., एवं कोहलर, एम. जे. (2006). तकनीकी-शैक्षणिक-विषयवस्तु ज्ञान (TPACK) ढाँचा. टीचर्स कॉलेज रिकॉर्ड, 108(6), 1017–1054।
मेयर, आर. ई. (2009). मल्टीमीडिया अधिगम का सिद्धांत. न्यूयॉर्क: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस।
कोलब, डी. ए. (1984). अनुभवात्मक अधिगम: अनुभव के माध्यम से सीखना. एंगलवुड क्लिफ्स: प्रेंटिस हॉल।
एजेन, आई. (1991). नियोजित व्यवहार का सिद्धांत. ऑर्गनाइज़ेशनल बिहेवियर एंड ह्यूमन डिसीजन प्रोसेसेस, 50(2), 179–211।
भारत सरकार. (2020). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020. नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार।
थॉमस, डी., एवं ब्राउन, जे. एस. (2011). नई अधिगम पारिस्थितिकी: डिजिटल युग में शिक्षा का पुनर्संरचन. कैम्ब्रिज: एमआईटी प्रेस।
एनसीईआरटी (NCERT). (2018). विद्यालयी शिक्षा में पर्यावरण अध्ययन का पाठ्यक्रम एवं दिशानिर्देश. नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद।
ओईसीडी (OECD). (2019). शिक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता: वैश्विक परिप्रेक्ष्य. पेरिस: ओईसीडी प्रकाशन।
स्कॉट, डब्ल्यू., एवं गफ, एस. (2003). सतत विकास हेतु शिक्षा: दृष्टिकोण और चुनौतियाँ. लंदन: रूटलेज फाल्मर।
जोयस, बी., वील, एम., एवं कैलहौन, ई. (2015). शिक्षण के मॉडल (नवीन संस्करण). बोस्टन: पियर्सन एजुकेशन।
शर्मा, आर. ए. (2010). शिक्षा में शैक्षिक प्रौद्योगिकी. मेरठ: आर. लाल बुक डिपो।
अग्रवाल, जे. सी. (2013). पर्यावरण शिक्षा एवं सतत विकास. नई दिल्ली: शिप्रा पब्लिकेशन्स।
सिंह, आर. पी. (2016). आधुनिक शैक्षिक तकनीक और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया. नई दिल्ली: एपीएच पब्लिशिंग।
कौल, एल. (2012). शिक्षा में अनुसंधान की पद्धतियाँ. नई दिल्ली: विकास पब्लिशिंग हाउस।
Downloads
How to Cite
Issue
Section
License
Copyright (c) 2024 International Journal of Engineering Science & Humanities

This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License.


