डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एवं वैश्विक प्रसार: एक अध्ययन

Authors

  • कल्पना रोहित, डॉ. सुधा कुमारी

Keywords:

डिजिटल प्रौद्योगिकी, भारतीय सांस्कृतिक धरोहर, डिजिटल संरक्षण, वैश्विक प्रसार, डिजिटल अभिलेखागार।

Abstract

डिजिटल प्रौद्योगिकी के तीव्र विकास ने भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, प्रलेखन तथा वैश्विक स्तर पर उनके प्रभावी प्रसार के नए आयाम स्थापित किए हैं। भारत की सांस्कृतिक धरोहरों में ऐतिहासिक स्मारक, पुरातात्त्विक स्थल, प्राचीन पांडुलिपियाँ, शिल्पकला, लोक परंपराएँ, संगीत, नृत्य, भाषाएँ तथा अन्य मूर्त एवं अमूर्त सांस्कृतिक विरासतें सम्मिलित हैं, जिनका संरक्षण राष्ट्रीय अस्मिता, सांस्कृतिक निरंतरता तथा भावी पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं वैश्विक प्रसार की वर्तमान स्थिति, प्रमुख तकनीकी साधनों, चुनौतियों तथा संभावनाओं का विश्लेषण करना है। यह अध्ययन द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है, जिसमें शोध लेखों, पुस्तकों, सरकारी प्रतिवेदनों, यूनेस्को, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, संस्कृति मंत्रालय तथा अन्य प्रामाणिक संस्थाओं द्वारा प्रकाशित दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कम्प्यूटिंग, डिजिटल अभिलेखागार, त्रि-आयामी (3D) स्कैनिंग, आभासी वास्तविकता (Virtual Reality), संवर्धित वास्तविकता (Augmented Reality), भू-स्थानिक सूचना प्रणाली तथा ऑनलाइन संग्रहालय जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को अधिक सुरक्षित, सुलभ एवं दीर्घकालिक बनाया है। साथ ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, सोशल मीडिया तथा वर्चुअल प्रदर्शनों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान प्राप्त हुई है। तथापि डिजिटल अवसंरचना की सीमाएँ, वित्तीय संसाधनों का अभाव, साइबर सुरक्षा, कॉपीराइट संरक्षण, प्रामाणिकता तथा डिजिटल विभाजन जैसी चुनौतियाँ इस प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। अध्ययन निष्कर्षतः यह प्रतिपादित करता है कि उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियों, प्रभावी नीतिगत समर्थन, संस्थागत सहयोग तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है तथा उनका वैश्विक प्रसार और अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ रूप में सुनिश्चित किया जा सकता है।

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How to Cite

कल्पना रोहित, डॉ. सुधा कुमारी. (2025). डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एवं वैश्विक प्रसार: एक अध्ययन. International Journal of Engineering Science & Humanities, 15(3), 563–571. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/1032

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