विद्यालयी पाठ्यक्रम में वनस्पति विज्ञान का एकीकरण और पर्यावरणीय चेतना के विकास पर उसका प्रभाव

Authors

  • वेद प्रकाश पांडेय

Keywords:

वनस्पति विज्ञान एकीकरण, विद्यालयी पाठ्यक्रम, पर्यावरणीय चेतना, जैव विविधता संरक्षण, सतत् विकास

Abstract

यह अध्ययन विद्यालयी पाठ्यक्रम में वनस्पति विज्ञान के एकीकरण तथा उससे विद्यार्थियों में विकसित होने वाली पर्यावरणीय चेतना के प्रभाव का विश्लेषण करता है। वनस्पति विज्ञान केवल पौधों की संरचना और कार्यों का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जैव विविधता संरक्षण तथा सतत् विकास के मूल्यों को भी प्रोत्साहित करता है। जब विद्यालयी शिक्षण में पौधों से संबंधित प्रायोगिक गतिविधियाँ, उद्यानिकी, स्थानीय वनस्पतियों का अवलोकन तथा पारिस्थितिक तंत्र की अवधारणाएँ सम्मिलित की जाती हैं, तब विद्यार्थियों में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, संरक्षण व्यवहार और प्रकृति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। अध्ययन इंगित करता है कि वनस्पति विज्ञान आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों की पर्यावरणीय जागरूकता, समस्या-समाधान क्षमता और सतत् जीवन शैली के प्रति प्रतिबद्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। अतः पाठ्यक्रम में वनस्पति विज्ञान का समुचित एकीकरण पर्यावरणीय चेतना के समग्र विकास हेतु एक प्रभावी शैक्षिक रणनीति सिद्ध हो सकता है।

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How to Cite

वेद प्रकाश पांडेय. (2024). विद्यालयी पाठ्यक्रम में वनस्पति विज्ञान का एकीकरण और पर्यावरणीय चेतना के विकास पर उसका प्रभाव. International Journal of Engineering Science & Humanities, 14(3), 198–205. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/600

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