संवेगात्मक विकास, अधिगम प्रक्रिया और ध्यान का अंतर्संबंधमानसिक स्वास्थ्य, संज्ञानात्मक प्रदर्शन और समग्र व्यक्तित्व विकास का समेकित गुणात्मक अध्ययन

Authors

  • मदनलाल टेम्भरें

Keywords:

संवेगात्मक विकास, ध्यान-सजगता, अधिगम प्रक्रिया, मानसिक स्वास्थ्य, संज्ञानात्मक प्रदर्शन, व्यक्तित्व विकास

Abstract

वर्तमान शोधपत्र का उद्देश्य संवेगात्मक विकास, अधिगम प्रक्रिया तथा ध्यान  के मध्य अंतर्निहित अंतर्संबंधों का गुणात्मक एवं सैद्धान्तिक विश्लेषण करना है। आधुनिक जीवन-परिस्थितियों में बढ़ते मानसिक तनाव, संज्ञानात्मक अधिभार तथा भावनात्मक असंतुलन ने शिक्षा, कार्यक्षमता और व्यक्तित्व विकास के पारंपरिक प्रतिमानों को चुनौती दी है। इस संदर्भ में ध्यान-सजगता आधारित अधिगम, संवेगात्मक जागरूकता तथा मानसिक संतुलन को एक समेकित मनो-शैक्षिक ढाँचे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन यह प्रतिपादित करता है कि ध्यान न केवल मानसिक स्वास्थ्य का संवर्धन करता है, अपितु स्मृति-निर्माण, निर्णय-क्षमता, आत्म-नियमन तथा नैतिक विवेक को भी सुदृढ़ करता है। यह शोधपत्र मानव व्यक्तित्व के समग्र विकास हेतु एक वैकल्पिक, समन्वित एवं मानव-केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

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How to Cite

मदनलाल टेम्भरें. (2025). संवेगात्मक विकास, अधिगम प्रक्रिया और ध्यान का अंतर्संबंधमानसिक स्वास्थ्य, संज्ञानात्मक प्रदर्शन और समग्र व्यक्तित्व विकास का समेकित गुणात्मक अध्ययन. International Journal of Engineering Science & Humanities, 15(4), 673–680. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/584

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