समकालीन विश्व व्यवस्था में भू-राजनीतिक संघर्ष और सुरक्षा चुनौतियाँ

Authors

  • रेनू

Keywords:

वैश्विक भू-राजनीति, समकालीन युद्ध, बहुध्रुवीयता, परमाणु अप्रसार, वैश्विक सुरक्षा

Abstract

वर्तमान विश्व-व्यवस्था तीव्र भू-राजनीतिक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। शीतयुद्ध की समाप्ति के बाद लंबे समय तक अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रभाव वाली एकध्रुवीय व्यवस्था प्रमुख रही, परंतु अब यह व्यवस्था धीरे-धीरे बहुध्रुवीय रूप ग्रहण कर रही है। चीन की आर्थिक और सैन्य शक्ति, रूस की सक्रिय सामरिक नीति, भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, ब्रिक्स का विस्तार और वैश्विक दक्षिण की राजनीतिक सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन को बदल दिया है। इस परिवर्तन ने विश्व-राजनीति को अधिक जटिल, प्रतिस्पर्धात्मक और अस्थिर बना दिया है। समकालीन युद्धों ने वैश्विक सुरक्षा की पारंपरिक अवधारणा को भी बदल दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य बाजार और नाटो की भूमिका को प्रभावित किया है। इसी प्रकार इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष ने मानव-सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सहायता से जुड़े प्रश्नों को गंभीर बना दिया है। दक्षिण चीन सागर में तनाव, ताइवान प्रश्न, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा यह स्पष्ट करते हैं कि वर्तमान सुरक्षा संकट केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक प्रभाव रखने वाले हैं। आज सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा, सेना और हथियारों तक सीमित नहीं रही है। ऊर्जा-सुरक्षा, खाद्य-सुरक्षा, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, साइबर-सुरक्षा, तकनीकी नियंत्रण, आर्थिक प्रतिबंध, आपूर्ति-श्रृंखला और परमाणु अप्रसार भी सुरक्षा के महत्त्वपूर्ण आयाम बन चुके हैं। परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण और अप्रसार व्यवस्था की सीमाएँ वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती हैं। इस शोध-पत्र में समकालीन युद्धों, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और परमाणु अप्रसार की चुनौतियों का अध्ययन किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि विश्व-राजनीति में शक्ति-संतुलन बदल रहा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ इन नई चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने में अभी पूर्णतः सक्षम नहीं हैं। इसलिए न्यायपूर्ण बहुपक्षीय सहयोग, संवाद, संस्थागत सुधार और परमाणु नियंत्रण वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता हैं।

References

बुजान, बैरी एवं वेवर, ओले. (2003). रीजनज एंड पावर्सः द स्ट्रक्चर ऑफ इंटरनेशनल सिक्योरिटी. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, कैम्ब्रिज।

बेलिस, जॉन, स्मिथ, स्टीव एवं ओवेन्स, पैट्रिशिया. (2020). द ग्लोबलाइजेशन ऑफ वल्र्ड पॉलिटिक्सः एन इंट्रोडक्शन टू इंटरनेशनल रिलेशंस. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, ऑक्सफोर्ड।

केओहेन, रॉबर्ट ओ. एवं नाई, जोसेफ एस. (1977). पावर एंड इंटरडिपेंडेंसः वल्र्ड पॉलिटिक्स इन ट्रांजिशन. लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी, बोस्टन।

किसिंजर, हेनरी. (2014). वल्र्ड ऑर्डर. पेंगुइन प्रेस, न्यूयॉर्क।

मियरशाइमर, जॉन जे. (2001). द ट्रैजेडी ऑफ ग्रेट पावर पॉलिटिक्स. डब्ल्यू. डब्ल्यू. नॉर्टन एंड कंपनी, न्यूयॉर्क।

Downloads

How to Cite

रेनू. (2026). समकालीन विश्व व्यवस्था में भू-राजनीतिक संघर्ष और सुरक्षा चुनौतियाँ. International Journal of Engineering Science & Humanities, 16(S1), 9–19. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/1000

Issue

Section

Original Research Articles

Similar Articles

1 2 3 > >> 

You may also start an advanced similarity search for this article.