लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) की लाभप्रदता पर वित्तीय प्रबंधन प्रथाओं का प्रभाव

Authors

  • तेजराम मीना

Keywords:

लघु एवं मध्यम उद्यम (SMEs), वित्तीय प्रबंधन प्रथाएँ, लाभप्रदता, कार्यशील पूंजी प्रबंधन, वित्तीय प्रदर्शन

Abstract

यह अध्ययन लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) की लाभप्रदता पर वित्तीय प्रबंधन प्रथाओं के प्रभाव का विश्लेषण करने के उद्देश्य से किया गया है। इसमें कार्यशील पूंजी प्रबंधन, बजटिंग, नकदी प्रवाह नियंत्रण तथा निवेश निर्णयों जैसी प्रमुख वित्तीय प्रथाओं की भूमिका का मूल्यांकन किया गया है। अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के डेटा का उपयोग करते हुए विभिन्न वित्तीय अनुपातों एवं सांख्यिकीय तकनीकों जैसे सहसंबंध एवं प्रतिगमन विश्लेषण का प्रयोग किया गया है। निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि प्रभावी वित्तीय प्रबंधन प्रथाएँ SMEs की लाभप्रदता को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं, जिससे उनके संसाधनों का कुशल उपयोग और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होती है। साथ ही, कमजोर वित्तीय नियोजन एवं नियंत्रण के कारण लाभप्रदता में कमी देखी गई है। यह अध्ययन SMEs के प्रबंधकों एवं नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी सुझाव प्रदान करता है, जिससे वे बेहतर वित्तीय रणनीतियाँ अपनाकर व्यवसाय की प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक विकास को सुनिश्चित कर सकें।

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How to Cite

तेजराम मीना. (2019). लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) की लाभप्रदता पर वित्तीय प्रबंधन प्रथाओं का प्रभाव. International Journal of Engineering Science & Humanities, 9(1), 70–80. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/822

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