भारत में स्टार्टअप संस्कृति का उभरता परिदृश्य: उद्यमिता विकास एवं आर्थिक प्रभावों का विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • Arti Mourya, Dr. More Tarachand Ambar, Dr. Kuldeep Agnihotri

Keywords:

स्टार्टअप, उद्यमिता, सरकारी नीति, तकनीकी नवाचार, वित्तपोषण, परिकल्पना परीक्षण, लिकर्ट स्केल

Abstract

भारत आज विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक है। प्रस्तुत शोध पत्र भारतीय स्टार्टअप्स एवं उद्यमिता के विकास की संभावनाओं, चुनौतियों एवं भविष्य की दिशा का अनुभवजन्य (empirical) अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन का उद्देश्य यह जाँचना है कि सरकारी नीतियाँ, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, तकनीकी नवाचार, सरकारी समर्थन तथा भविष्य की वृद्धि-संभावनाएँ—ये पाँच कारक भारतीय स्टार्टअप्स के विकास को किस सीमा तक प्रभावित करते हैं। इस हेतु एक संरचित प्रश्नावली एवं पाँच-बिंदु लिकर्ट स्केल के माध्यम से 350 उत्तरदाताओं से प्राथमिक आंकड़े एकत्र किए गए। एकत्रित आंकड़ों का विश्लेषण वर्णनात्मक सांख्यिकी (आवृत्ति, प्रतिशत, माध्य एवं मानक विचलन) तथा One-Sample t-Test के माध्यम से किया गया।

परिणामों से ज्ञात हुआ कि पाँचों आयामों का माध्य तटस्थ बिंदु (3.0) से पर्याप्त रूप से अधिक रहा (3.78 से 4.21 के मध्य), तथा सभी पाँच परिकल्पनाओं के लिए p-मान 0.001 से कम प्राप्त हुआ, जिससे सभी वैकल्पिक परिकल्पनाएँ सांख्यिकीय रूप से स्वीकृत हुईं। तकनीकी नवाचार (Mean = 4.14) एवं भविष्य की वृद्धि-संभावना (Mean = 4.21) सर्वाधिक प्रबल कारक पाए गए। द्वितीयक आँकड़े भी इन निष्कर्षों की पुष्टि करते हैं—अक्टूबर 2025 तक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 1.98 लाख (1,97,692) तक पहुँच गई। अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि भारतीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का विकास नीतिगत, वित्तीय, तकनीकी एवं भविष्योन्मुखी कारकों के सम्मिलित प्रभाव से संचालित होता है।

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How to Cite

Arti Mourya, Dr. More Tarachand Ambar, Dr. Kuldeep Agnihotri. (2026). भारत में स्टार्टअप संस्कृति का उभरता परिदृश्य: उद्यमिता विकास एवं आर्थिक प्रभावों का विश्लेषणात्मक अध्ययन. International Journal of Engineering Science & Humanities, 16(1), 976–987. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/948

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