गांधीवाद का सामाजिक न्याय और जाति उन्मूलन में योगदान

Authors

  • Bablu Kumar Jayswal, Dr.Rathod Duryodhan Devidas

Keywords:

गांधीवाद, सामाजिक न्याय, जाति उन्मूलन, अस्पृश्यता, सर्वोदया

Abstract

यह शोध-पत्र गांधीवाद की सामाजिक न्याय संबंधी अवधारणा तथा जाति उन्मूलन में उसके योगदान का विश्लेषण करता है। भारतीय समाज में व्याप्त जातिगत असमानता और सामाजिक बहिष्करण की पृष्ठभूमि में गांधीवाद एक नैतिक एवं मानवीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जो समानता, गरिमा और समरसता पर आधारित है। महात्मा गांधी ने सामाजिक न्याय को केवल संवैधानिक प्रावधानों तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक चेतना और आत्मपरिवर्तन से जोड़ा। अस्पृश्यता के उन्मूलन हेतु उनके प्रयास—जैसे हरिजन आंदोलन, समावेशी शिक्षा और सामाजिक सुधार—जाति-आधारित भेदभाव के विरुद्ध एक सशक्त नैतिक संघर्ष थे। गांधीवाद सर्वोदया और अंत्योदय के सिद्धांतों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान पर बल देता है। यह अध्ययन निष्कर्ष निकालता है कि गांधीवादी विचार आज भी सामाजिक न्याय और जाति उन्मूलन के लिए एक प्रासंगिक और प्रेरक वैचारिक आधार प्रदान करते हैं।

References

आंबेडकर, बी. आर. (2014). जाति का विनाश (आलोचनात्मक संस्करण). वर्सो. (मूल कृति 1936 में प्रकाशित)

गांधी, मोहनदास करमचंद. (2008). हिंद स्वराज. नवजीवन प्रकाशन.

गांधी, मोहनदास करमचंद. (2000). महात्मा गांधी के संपूर्ण लेखन (खंड 1–100). प्रकाशन विभाग, भारत सरकार.

हार्डिमैन, डी. (2003). अपने समय में गांधी और आज: उनके विचारों की वैश्विक विरासत. कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रेस.

अय्यर, आर. (2000). महात्मा गांधी का नैतिक और राजनीतिक चिंतन. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस.

जोधका, एस. एस. (2012). जाति. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस.

कुमार, आर. (2016). गांधी और अहिंसा का दर्शन. रूटलेज.

लिंच, ओ. एम. (2004). अछूत नागरिक: दलित और भारत में लोकतंत्रीकरण. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस.

ओमवेद्ट, जी. (2004). आंबेडकर: प्रबुद्ध भारत की ओर. पेंगुइन बुक्स.

पंथम, टी., डॉयच, के. एल., एवं रेजई, एम. (2006). आधुनिक भारत में राजनीतिक चिंतन. सेज पब्लिकेशंस.

पारेख, बी. (2001). गांधी: एक संक्षिप्त परिचय. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस.

शाह, जी., मांदर, एच., थोरात, एस., देशपांडे, एस., एवं बाविस्कर, ए. (2006). ग्रामीण भारत में अस्पृश्यता. सेज पब्लिकेशंस.

तेलतुम्बड़े, ए. (2018). जाति का गणराज्य: नवउदार हिंदुत्व के दौर में समानता पर चिंतन. नवयाना.

थोरात, एस., एवं न्यूमैन, के. एस. (2010). जाति द्वारा अवरुद्ध: आधुनिक भारत में आर्थिक भेदभाव. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस.

यंग, आई. एम. (2011). न्याय और भिन्नता की राजनीति (द्वितीय संस्करण). प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस.

Downloads

How to Cite

Bablu Kumar Jayswal, Dr.Rathod Duryodhan Devidas. (2023). गांधीवाद का सामाजिक न्याय और जाति उन्मूलन में योगदान. International Journal of Engineering Science & Humanities, 13(3), 49–59. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/568

Similar Articles

<< < 1 2 3 > >> 

You may also start an advanced similarity search for this article.