घरेलू एवं कार्यरत महिलाओं में जीवन संतुष्टि, प्रसन्नता और मानसिक स्वास्थ्य का तुलनात्मक अध्ययन
Keywords:
घरेलू महिलाएँ, कार्यरत महिलाएँ, जीवन संतुष्टि, प्रसन्नता, मानसिक स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिक कल्याण, कार्य-परिवार संतुलन।Abstract
वर्तमान अध्ययन का उद्देश्य घरेलू एवं कार्यरत महिलाओं में जीवन संतुष्टि, प्रसन्नता और मानसिक स्वास्थ्य का तुलनात्मक अध्ययन करना है। समकालीन भारतीय समाज में महिलाओं की भूमिकाएँ तेजी से विस्तृत हुई हैं। एक ओर महिलाएँ शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, सेवा, व्यवसाय और संगठित कार्यक्षेत्र में सक्रिय सहभागिता कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू प्रबंधन, बच्चों की देखभाल, वृद्धजन की सहायता तथा भावनात्मक देखरेख की प्रमुख जिम्मेदारियाँ भी प्रायः उन्हीं पर बनी रहती हैं। ऐसी स्थिति में रोजगार की उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति महिला के मनोवैज्ञानिक अनुभव को प्रभावित कर सकती है, परंतु यह प्रभाव आय, सामाजिक समर्थन, परिवार की संरचना, भूमिका-संतुलन, कार्य की गुणवत्ता और व्यक्तिगत स्वायत्तता जैसे अनेक कारकों से जुड़ा होता है। प्रस्तुत शोध-पत्र में 120 विवाहित महिलाओं—60 कार्यरत और 60 घरेलू—के उदाहरणात्मक संतुलित नमूने पर आधारित तुलनात्मक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। जीवन संतुष्टि के लिए जीवन संतुष्टि मापनी, प्रसन्नता के लिए व्यक्तिपरक प्रसन्नता मापनी तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए सामान्य स्वास्थ्य प्रश्नावली-12 को उपयुक्त उपकरण माना गया है। उदाहरणात्मक परिणामों में कार्यरत महिलाओं का जीवन संतुष्टि एवं प्रसन्नता औसत से अधिक और मनोवैज्ञानिक तनाव अपेक्षाकृत कम पाया गया। फिर भी निष्कर्ष यह स्पष्ट करते हैं कि रोजगार अकेले मानसिक स्वास्थ्य का निर्धारक नहीं है बल्कि पारिवारिक सहयोग, आर्थिक स्वतंत्रता, घरेलू कार्य का न्यायसंगत वितरण, सामाजिक सहभागिता और कार्य-परिवार संतुलन महिलाओं के समग्र कल्याण के लिए अधिक निर्णायक हैं।
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