भारतीय राजनीति पर वैश्वीकरण का प्रभाव: एक समीक्षात्मक अध्ययन

Authors

  • Vakil Ahmad, Dr. Prakash G Hambarde

Keywords:

वैश्वीकरण, भारतीय राजनीति, उदारीकरण, सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक सुधार, सांस्कृतिक प्रभाव, लोकतंत्र

Abstract

वैश्वीकरण आधुनिक विश्व व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसने राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संरचनाओं को गहराई से प्रभावित किया है। भारत में 1991 के आर्थिक उदारीकरण के पश्चात वैश्वीकरण की प्रक्रिया ने तीव्र गति प्राप्त की और इसका प्रभाव केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय राजनीति, शासन व्यवस्था, सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक मूल्यों तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी व्यापक रूप से देखा गया। प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य भारतीय राजनीति पर वैश्वीकरण के प्रभावों का समीक्षात्मक अध्ययन करना है। इस अध्ययन में वैश्वीकरण की अवधारणा, भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में आए परिवर्तनों, राजनीतिक दलों की नीतियों, चुनावी राजनीति, सामाजिक न्याय, आर्थिक नीतियों तथा सांस्कृतिक पहचान के प्रश्नों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में यह पाया गया कि वैश्वीकरण ने भारतीय राजनीति को अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, बाज़ारोन्मुख और तकनीक-आधारित बनाया है, वहीं दूसरी ओर इससे सामाजिक असमानता, सांस्कृतिक संकट तथा राजनीतिक केंद्रीकरण जैसी चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। यह शोध पत्र वैश्वीकरण के सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों पक्षों की आलोचनात्मक समीक्षा प्रस्तुत करता है।

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How to Cite

Vakil Ahmad, Dr. Prakash G Hambarde. (2024). भारतीय राजनीति पर वैश्वीकरण का प्रभाव: एक समीक्षात्मक अध्ययन. International Journal of Engineering Science & Humanities, 14(4), 484–494. Retrieved from https://www.ijesh.com/j/article/view/882

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